
प्रीपेड आय (Prepaid income)का मतलब है कि आय जो प्राप्त (received) की जाती है लेकिन अर्जित (earned) नहीं की जाती है। दूसरे शब्दों में, दूसरी कंपनी या व्यक्ति को सेवाएं प्रदान करने से पहले कंपनी द्वारा प्राप्त आय।
लेखांकन के नियम और सिद्धांत के अनुसार, आय / व्यय उस वित्तीय वर्ष की पुस्तकों में दर्ज किया जाता है जिसमें उसने अर्जित / देय किया है। इसलिए, हमें अर्जित आय का एक खाता बनाना होगा।
On 01/08/2017, rent of Rs. 5,000/- per month received for the let-out building for the period of one year in advance.
Because Current financial year ends on 31/03/2018
So, from 01/04/2018 to 31/07/2018 is advance rent received.
Months From 1/4/18 to 31/07/18 = 4*5000 = 20,000/
On 01/08/2017, rent received for the let-out building for the period of one year in advance.
इसलिए इस लेनदेन में, हम निम्नलिखित के रूप में दिखाए गए लेखांकन के सुनहरे नियमों के साथ तीन खातों का उपचार करेंगे।
लेनदेन के लिए जर्नल प्रविष्टि निम्नलिखित है:
On 01/08/2017, rent received for the let-out building for the period of one year in advance.
इसलिए इस लेनदेन में, हम निम्नलिखित के रूप में दिखाए गए लेखांकन के सुनहरे नियमों के साथ तीन खातों का उपचार करेंगे।
लेनदेन के लिए जर्नल प्रविष्टि निम्नलिखित है:
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लेखाशास्त्र और वाणिज्य शिक्षक (Accounting & Commerce Educator)
सरबजीत सिंह (Sarbjit Singh) के पास B.Com और M.Com की डिग्री है और उन्हें डबल एंट्री बुककीपिंग, वित्तीय लेखांकन और व्यावसायिक अध्ययन सिखाने का 12 से अधिक वर्षों का अनुभव है।
इस लेख में "What is Prepaid income | Example | Journal Entry - In Hindi" को विस्तार से समझाया गया है, जिसमें परिभाषाएं, अवधारणाएं, मुख्य नियम और Hindi से संबंधित महत्वपूर्ण विवरण शामिल हैं।
हाँ, यह अध्ययन सामग्री कक्षा 11 और 12 के वाणिज्य (Commerce), लेखांकन (Accounting) और अर्थशास्त्र (Economics) के छात्रों के साथ-साथ CA फाउंडेशन की परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत उपयोगी है।
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